जिला आगर मालवा District Agar Malwa – MP General Knowledge

जिला आगर मालवा – म.प्र. की जिलेबार (MP District Wise GK in Hindi) सामान्य ज्ञान

जिले का नाम जिला आगर मालवा (District Agar Malwa)
गठन 16 अगस्त 2013
तहसील आगर मालवा, बड़ोद, सुसनेर, नलखेड़ा
पड़ोसी जिलों के साथ सीमा उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, रतलाम, उत्तर में राजस्थान राज्य
जनसँख्या (2011)571000
साक्षरता दर (2011)71.8%
भौगोलिक स्थितिअक्षांतर स्थिति – 23o45′ से 25o00′ उत्तर
देशांतर स्थिति – 74o45′ से 75o55′ पूर्व

MP Agar Malwa District GK Most Important Fact

MP GK -  Agar Malwa Jila

आगर मालवा जिले का इतिहास

जिला-आगर मालवा, उज्जैन संभाग के अंतर्गत आता है। मध्यप्रदेश में जबलपुर, इंदौर के बाद तीसरा बड़ा उज्जैन संभाग है।

आगर मालवा जिले को 16 अगस्त 2013 को शाजापुर जिले से अलग करके मध्यप्रदेश का 51 वां नया जिला घोषित किया गया था|

उज्जैन संभाग में 7 जिले आते है-

  1. उज्जैन (District Ujjain)
  2. देवास (District Dewas)
  3. शाजापुर (District Shajapur)
  4. आगर मालवा (District Agar Malwa)
  5. रतलाम (District Ratlam)
  6. मंदसौर (District Mandsaur)
  7. नीमच (District Neemach)

तहसील – आगर मालवा (MP Districtwise GK in Hindi)

आगर मालवा जिले में 4 तहसीलें आगर मालवा, बड़ोद, सुसनेर, और नलखेड़ा है|

भौगोलिक स्थिति – आगर मालवा जिले की भौगोलिक स्थिति

आगर मालवा जिले का क्षेत्रफल लगभग 2785 वर्ग किलोमीटर है| आगर मालवा जिले की सीमा म. प्र. के पूर्व में राजगढ़, शाजापुर, पश्चिम में रतलाम, दक्षिण में उज्जैन तथा उत्तर में राजस्थान राज्य के साथ लगती है| 

जिले का तापमान गर्मियों में 38 डिग्री सेल्सियस तक पंहुचा जाता है| गर्मियों में घुमने की द्रष्टि से सर्वाधिक पसंद किये जाने वाला क्षेत्र है| यह क्षेत्र “शब-ऐ-मालवा” जलवायु के लिए प्रसिध्द है| सर्दियों में यहाँ का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर जाता है|

आगर मालवा जिले में वार्षिक वर्षा लगभग 144 से.मी. होती है|

मिट्टियाँ एवं कृषि – आगर मालवा जिले में मिट्टियाँ एवं कृषि

आगर मालवा जिला लाल मृदा के लिए प्रसिद्ध है| लाल मिट्टी गोंडवाना शैल समूह से निर्मित मिट्टी है इस मिट्टी का रंग लाल लोहे के ऑक्सीकरण के कारण होता है| लाल मिट्टी का PH मान 5.5 होता है| यह मिट्टी प्रदेश के केवल आगर मालवा में पाई जाती है| लाल मिट्टी अत्यधिक रंध्रयुक्त होती है|  इस यह मिट्टी जिले में केवल 1-2 किलोमीटर तक ही पाई जाती है|

कृषि – आगर मालवा जिले की प्रमुख संतरा की फसल है| जिले के संतरे पूरे मालवा क्षेत्र में प्रसिद्ध है| धनिया की फसल भी जिले में बड़े स्तर पर होती है| आगर मालवा जिले में पानी में पैदा की जाने वाली पौधा अजोला की खेती करने की कोशिश की जा रही है|

पशुपालन – जिले में पशुपालन को बढ़ावा देने और पालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा चुने गए जिलों में कृत्रिम गर्भाधान योजना लागु है| यहाँ की गिर गायों ने सर्वाधिक दूध देकर जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया|

आगर मालवा जिले की प्रमुख नदियाँ

कालीसिंध नदी

कछाल नदी

आगर मालवा की प्रमुख नदी कालीसिंध नदी है| इसका उद्गम देवास के बागली गांव के समीप विंध्यांचल से हुआ है|

कालीसिंध नदी 150 किलोमीटर लम्बी है और चम्बल नदी में जाकर गिरती है|

सिंचाई एवं परियोजनाएं

कुंडलिया परियोजना


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वन एवं वन्यजीव – District Agar Malwa

आगर मालवा जिले में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती प्रकार के वन क्षेत्र पाए जाते है| यहाँ के वनों में तेंदुआ, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, मोर आदि प्रजाति के वन्य जीव देखने को मिलते है|

ऐसे वन क्षेत्र 35 से 75 से. मी. वर्षा वाले क्षेत्र में होते है| आगर मालवा के वनों में पलाश, हर्रा, बबूल, शीशम, कीकर, तेंदू आदि वनस्पतियाँ मिलती है|

राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण – आगर मालवा

गौ अभ्यारण अनुसंधान एवं उत्पादन केंद्र, सालरिया

24 दिसम्बर 2012 को मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के ग्राम सालरिया में देश और दुनिया का पहले कामधेनु गौ अभ्यारण्य का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भूमि पूजन कर स्थापना की| कामधेनु गौ अभ्यारण्य का क्षेत्रफल 472.63 हेक्टेयर है| इसका शुभारंभ 27 सितम्बर 2017 को किया गया|

खनिज सम्पदा एवं उद्योग – आगर मालवा जिले में

आगर मालवा जिला औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ जिला है |

आगर मालवा जिले में जनजाति

आगर मालवा जिले के क्षेत्र में कोरकू जनजाति – ‘मानवों का समूह’ निवास करती है | यह जनजाति सतपुड़ा के क्षेत्र में निवास करती है |

आगर मालवा जिले की बोलियां एवं मेले –

बोली – आगर मालवा जिले के आसपास के क्षेत्र में मालवी बोली प्रचलित है|

मेले – हरिसिध्द माता का मेला


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आगर मालवा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल –

  • केवडा स्वामी भैरवनाथ मंदिर
  • बैजनाथ महादेव मंदिर
  • बगुलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा
  • मोतीसागर तालाब
  • सोमेश्वर महादेव मंदिर
  • माँ चौसठ योगिनी माता मंदिर
  • माँ पचेटी मंदिर
  • माँ तुलजा भवानी मंदिर

Agar Malwa DISTRICT के प्रमुख तथ्य

  • आगर मालवा जिले में तापमान की कमी के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है|
  • इसे “शब-ऐ-मालवा” यहाँ के जलवायु के क्षेत्र की प्रसिद्धि है|
  • लाल मिट्टी के लिए
  • Agar Malwa District GK – सिंध राज्‍य के दौरान एक प्रभाग था| यह 1956 तक मध्‍य भारत के अंतर्गत एक जिला रहा था|
  • Agar Malwa शहर में दो तालाब है मोती तालाब और रत्‍नसागर यहा पर दो बांध है कुमार बांध और तिल्‍लार बांध है|
  • Agar Malwa Jile में एक अंग्रेज भगवान शिव के हस्‍तक्षेप से बच गया था, उसके बाद उसकी पत्‍नी ने यहाँ पर बैजनाथ मदिर का निर्माण करावाया था|
  • आगर मालवा डिस्ट्रिक्ट अपनी लाल मिटटी के लिये प्रसिद्ध है, यह मिटटी लगभग 2 किलोमीटर में पायी जाती है|
  • इस जिले में सुसनेर ओर आगर विधान सभा क्षेत्र है|
  • विश्‍व का एक मात्र गौ अभ्‍यारण Agar Malwa District में है|
  • बगुला मुखी का मंदिर विश्‍व का सबसे  प्राचीन है|
  • परमारों की कुछ समय तक राजधानी रहा था मुगलकाल में पर्यटक स्थल था|
  • रानी सती का मंदिर, गणेश चिंताहरण का मंदिर आदि है|
  • सालरिया में कामधेनु गौ अभ्‍यारण Agar Malwa District में है|
  • आगर मालवा जिला (Jila) कर्क रेखा पर अवस्थित जिला है|
  • Agar Malwa जिले में नलखेडा में बगुल माता का मंदिर है|
  • आगर जिले में कालीसिंध नदी बहती है |

आप इन जिलों के बारे में भी पढ़ सकते है-

मुरैनाभिण्डश्योपुरग्वालियर
दतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगर
भोपालसीहोररायसेनविदिशा
राजगढ़उज्जैनदेवासशाजापुर
आगर मालवारतलाममंदसौरनीमच
इंदौरधारझाबुआअलीराजपुर
बड़वानीखरगोनखण्डवाबुरहानपुर
सागरदमोहछतरपुरपन्ना
टीकमगढ़निमाड़ीरीवासतना
सीधीसिंगरौलीशहडोलउमरिया
अनूपपुरजबलपुरनरसिंहपुरछिंदवाड़ा
बालाघाटमण्डलाडिंडोरीसिवनी
कटनीबैतूलहरदानर्मदापुरम

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