खरगौन जिला Khargone District Important GK Fact | MP GK

जिला खरगौन – म.प्र. की जिलेबार सामान्य ज्ञान (MP District Wise GK in Hindi)

जिले का नामखरगौन (Khargone District)
गठन 1956
तहसील खरगौन, खरगौन नगर, भगवानपुर, गोगांव, सेगांव, कसरावद, महेश्वर, बड़वाह, भीकनगांव, झिरन्या, सनावद
खरगौन जिले के साथ सीमाधार, बड़वानी, इंदौर, देवास, हरदा, बुरहानपुर
राज्यों के साथ सीमामहाराष्ट्र
जनसँख्या (2011)18,73,086
साक्षरता दर (2011)62.70%
भौगोलिक स्थितिअक्षांतर स्थिति – 21o22′ से 22o34′ उत्तर
देशांतर स्थिति – 74o27′ से 76o14′ पूर्व
खरगोन जिला – मध्यप्रदेश जनरल नॉलेज

MP District Khargone GK – खरगोन जिले के जी.के. फैक्ट

खरगौन जिला इंदौर संभाग के अंतर्गत आता है। मध्यप्रदेश का जबलपुर के बाद दूसरा बड़ा संभाग इंदौर है, जिसका मुख्यालय इंदौर में ही है| इंदौर संभाग के अंतर्गत 8 जिले आते है|

  1. इंदौर (Indore District)
  2. धार (Dhar District)
  3. झाबुआ (Jhabua District)
  4. अलीराजपुर (Alirajpur District)
  5. खंडवा (Khandwa District)
  6. खरगौन (Khargaun District)
  7. बुरहानपुर (Burhanpur District)
  8. बड़वानी (Barwani District)

खरगौन जिले का इतिहास

खरगौन (Khargone District) बडवाह तथा सनावद जुडवा शहर के नाम से जाना जाता था। यहा नर्मदा के दोनो और वसे थे। Khargone Jile को आदि गुरू शंकराचार्य और मंडन मिश्र की कार्य स्‍थली मानी जाती है।

Khargone District का रावडखेडी प्रसिद्ध वाजीराव की समाधि के लिये जाना जाता है| खरगौन में वाजीराव की मृत्यु उत्‍तर भारत के अभियान के दौरान नर्मदा के किनारे हूई थी। Khargone Jile में वाजीराव का मकबरा बनाया गया था।

तहसील – खरगौन (MP Districtwise GK in Hindi)

खरगोन जिले में 11 तहसीलें है –

  • खरगौन
  • खरगौन नगर
  • भगवानपुर
  • गोगांव
  • सेगांव
  • कसरावद
  • महेश्वर
  • बड़वाह।
  • भीकनगांव
  • झिरन्या
  • सनावद

भौगोलिक स्थिति – खरगौन जिले की भौगोलिक स्थिति

खरगोन जिले का क्षेत्रफल 8025 वर्ग किलोमीटर है। खरगोन क्षेत्रफल की द्रष्टि से मध्यप्रदेश का 10 वां जिला है। खरगोन जिले की सीमा मध्यप्रदेश के पश्चिम में बड़वानी, उत्तर में इंदौर, पूर्व में खण्डवा जिलों तथा दक्षिण में महाराष्ट्र राज्य के साथ लगती है। खरगोन जिले की भौगोलिक स्थिति अक्षांतर स्थिति – 21o22′ से 22o34′ उत्तर और देशांतर स्थिति – 74o27′ से 76o14′ पूर्व में है।

मिट्टियाँ एवं कृषि – खरगौन जिले में मिट्टियाँ एवं कृषि

खरगोन जिला काली गहरे रंग की दोमट मिट्टी वाला क्षेत्र है।

कृषि – खरगोन जिले में मक्का, तुअर, सोयाबीन, गेहूं, चना की फसल होती है जिले में कपास और मिर्ची की खेती बहुतायत की जाती है। यह यहाँ के किसानों की व्यावसायिक फसलें है।

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खरगौन जिले की प्रमुख नदियाँ

  • नर्मदा नदी
  • वेदा नदी

नर्मदा और वेदा नदी खरगोन जिले की प्रमुख नदियाँ है।

नर्मदा नदी की कुल लम्बाई 1312 किलोमीटर है जो मध्यप्रदेश में 1077 किलोमीटर बहती है।

वेदा नदी – इस नदी का उद्गम सतपुड़ा पहाड़ी की भोपाली-धूपी क्षेत्र से होता है जो नर्मदा नदी में गिरती है।

सिंचाई एवं परियोजनाएं

इंदिरा सागर परियोजना – खरगोन और बड़वानी जिले में सिंचाई खंडवा के पुनासा में नर्मदा नदी पर बनी इंदिरा गाँधी नर्मदा सागर बांध से नहरों द्वारा होती है।

वन एवं वन्यजीव – District Khargone

जिले में लगभग 1089 वर्ग किलोमीटर में वनक्षेत्र है। यहाँ उष्णकटिबंधीय अर्ध पर्णपाती वन क्षेत्र है जिसमे सागवान, शीशम, साल, हुर्रा, महुआ, सेमल, कुसुम और चन्दन के वृक्ष पाए जाते है।

राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण – खरगौन

महाराष्ट्र राज्य के यावल अभ्यारण्य का कुछ भाग खरगोन और बुरहानपुर जिले में आता है।

खनिज सम्पदा एवं उद्योग – खरगौन जिले में

चूना पत्थर खनिज पदार्थ – खरगोन जिले से चुना पत्थर खनिज संपदा प्राप्त होती है।

उद्योग – खरगोन जिले के निमरानी, भीकनगांव, पाडली और बडवाह औद्योगिक क्षेत्र में कई छोटे बड़े उद्योग स्थापित है।



खरगौन जिले में जनजाति एवं लोकनृत्य

खरगोन जिले में भील (भिल्ल) जनजाति और कोरकू जनजाति (मानवों का समूह) निवास करती है।

लोकनृत्य – खरगोन जिले में गणगौर लोकनृत्य किया जाता है यह एक धार्मिक लोक नृत्य है जो गणगौर पर्व के अवसर पर किया जाता है। यह नृत्य ढोल और थाली बजाकर किया जाता है। गणगौर पर्व पर झोला और झालरिया दो शैली के लोक नृत्य किये जाते है। इस नृत्य के माध्यम से  देवता धनियार सूर्यदेव और रेनू बाई की उपासना की जाती है।

खरगौन जिले की बोलियां एवं मेले –

निवाड़ी बोली, खरगोन और उसके आसपास के जिलों में प्रचलित है।

निवाड उत्सव – यह उत्सव प्रत्येक वर्ष दिसम्बर-जनवरी के मास में नर्मदा नदी के तट पर देवी अहिल्या बाई किला परिसर में तीन दिन तक मनाया जाता है। निमाड़ उत्सव में कई कलाकार, गायक, और नर्तक आदि भाग लेते है।

खरगौन जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल –

  • महेश्वर
  • बकावां एवं रावेरखेड़ी
  • सिरवेल महादेव
  • सहस्त्र धारा
  • देवला-देवड़ा
  • बडवाह व सनावद
  • नन्हेश्वर
  • राजराजेश्वरी मंदिर

Khargone District GK Fact –

  • खरगोन जिले को वर्तमान मे पश्चिमी निमाड के नाम से भी  जाना जाता है। यह जिला महाराष्‍ट्र की सीमा पर है।
  • उन पावागिरी में जैनो के अनेक मंदिर है, जो चंदेलो ने बनवाये थे। Khargone Jile मालवा का खजुराहो कहा जाता है।
  • Khargone District के मण्‍डलेश्‍वर में जल विधुत परियोजना है।
  • खरगौन जिले में सिरवाले महादेव है। कहा जाता है कि रावण ने यहां पर अपना सिर भगवान शिव को चढ़ाया था।
  • वकवा (Khargone District) में नर्मदा के किनारे शिवलिंग है।
  • देजल देवडा मे मिटटी का बांध बनाया गया है।
  • महेश्‍वर नर्मदा तट पर पवित्र धार्मिक स्‍थल माना जाता है जहां पर हैहैयी राजा सहस्‍त्रर्जुन की राजधानी थी।
  • महारानी अहिल्‍याबाई ने महेश्‍वर को होल्‍कर वंश की राजधानी बनाया था।
  • महेश्वर साड़ियों के लिये प्रसिद्ध है|
  • देश का प्रथम मोबाईल बैंक खरगोन में है।
  • नर्मदा नदी का सबसे बड़ा घाट महेश्‍वर है।
  • रंगीन कपास उत्‍पादन के लिये प्रसिद्ध है।
  • संत सिंगाजी का मेला खरगोन के पिल्‍याखुर्द में लगता है यहां पर केन्‍द्रीय सुरक्षा बल का प्रशिक्षण केन्‍द्र भी है।
  • मध्‍य प्रदेश का महिला स्‍वयं सहायता समूह लक्ष्‍मी बाहिनी है।
  • खरगोन में नदी नर्मदा, कुंडा, वेदा, है।

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District wise Madhya Pradesh General Knowledge

मुरैनाभिण्डश्योपुरग्वालियर
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