जिला शिवपुरी District Shivpuri महत्वपूर्ण MP GK – म.प्र. जिलेबार सामान्य ज्ञान

जिला शिवपुरी – म.प्र. की जिलेबार (MP District Wise GK in Hindi) सामान्य ज्ञान

जिले का नाम जिला शिवपुरी (District Shivpuri)
गठन 1956
तहसील शिवपुरी, कोलारस, नरवर, बदरवास, बैराड, करेरा, खनियाधाना, पिछोर
पड़ोसी जिलों के साथ सीमामुरैना, ग्वालियर, दतिया, गुना, अशोकनगर
राज्यों के साथ सीमाराज स्थान, उत्तरप्रदेश (झाँसी)
जनसँख्या (2011)17,25,782
साक्षरता दर (2011)64.43%
भौगोलिक स्थितिअक्षांतर स्थिति – 24o50′ से 25o55′ उत्तर
देशांतर स्थिति – 77o0′ से 78o30′ पूर्व
जिला शिवपुरी - म.प्र. की जिलेबार (MP District Wise GK in Hindi) सामान्य ज्ञान

जिला शिवपुरी, ग्वालियर संभाग में आता है| ग्वालियर संभाग के अंतर्गत 5 जिले आते है-

  1. ग्वालियर (Gwalior District)
  2. दतिया (Datia District)
  3. शिवपुरी (Shivpuri District)
  4. गुना (Guna District)
  5. अशोकनगर (Ashoknagar District)
जिला शिवपुरी महत्वपूर्ण जी. के. सभी म. प्र. की परीक्षाओं के लिए

शिवपुरी जिले का इतिहास History Of Shivpuri District

ग्‍वालियर संभाग के अंतर्गत शामिल शिवपुरी जिले का मुख्‍यालय शिवपुरी शहर में स्थित है। राष्‍ट्रीय राजमार्ग NH-3 पर स्थित शिवपुरी मध्यप्रदेश का क्षेत्रफल में तीसरा बड़ा जिला है।

शिवपुरी का प्राचीन नाम सिपरी था। शिवपुरी शहर को भगवान शिव की नगरी भी कहा जाता है। वर्ष 1804 तक इस शहर को कच्छवाह राजपूतों का स्वर्ग कहा जाता था। शिवपुरी, ग्‍वालियर के सिंधिया वंश की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। शिवपुरी जिले को मिनी शिमला भी कहा जाता है।

शिवपुरी को म. प्र. की प्रथम पर्यटन नगरी होने का गौरव प्राप्त है। शिवपुरी में स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान की एक पहाडी पर जार्ज कौशल भवन स्थित है। शिवपुरी में प्राकृतिक कुण्‍ड भदैया कुण्‍ड स्थित है।

1857 की क्रांति के नायक तात्‍याटोपे को 18 अप्रैल 1859 को फांसी शिवपुरी में दी गयी थी। तात्‍याटोपे की समाधि शिवपुरी में जाधव सागर के निकट स्थित है। महारानी संख्‍या राजे सिधिया की समाधि शिवपुरी में संख्‍या सागर के निकट स्थित है।

माधव राव सिंधिया की समाधि भी संख्‍या सागर के पास स्थित है। शिवपुरी तीर्थकर प्रतिमाओं के लिये प्रसिद्ध है। शिवपुरी से पार्वती, वेतबा, सिंध तथा कूनो नदियां बहती है।

तहसील – शिवपुरी (MP Districtwise GK in Hindi)

शिवपुरी जिले में 8 तहसीलें – शिवपुरी, कोलारस, नरवर, बदरवास, बैराड, करेरा, खनियाधाना, पिछोर है।

भौगोलिक स्थिति – शिवपुरी जिले की भौगोलिक स्थिति एवं जलवायु

शिवपुरी जिले का क्षेत्रफल 10666 वर्ग किलोमीटर है। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्यप्रदेश का तीसरा बड़ा जिला है। शिवपुरी भौगोलिक दृष्टि से अक्षांतर स्थिति – 24o50′ से 25o55′ उत्तर और देशांतर स्थिति – 77o0′ से 78o30′ पूर्व पर स्थित है।

शिवपुरी जिला उत्तर में मुरैना, ग्वालियर और दतिया जिलों के साथ एवं पूर्व में उत्तरप्रदेश के झाँसी जिले के साथ , पश्चिम में राजस्थान के साथ तथा दक्षिण में गुना और अशोकनगर जिलों के साथ सीमा बनाता है।

जरूर पढ़ें:- म.प्र. डेली | साप्ताहिक | मंथली करंट अफेयर्स डाउनलोड पीडीएफ | MP Current GK

जिले से राष्ट्रीय राजमार्ग NH-3, NH-25 होकर गुजरते है।

शिवपुरी में ठंडा और शुष्क जलवायु वाला जिला है। यहाँ पर जून के महीने में औसत तापमान 45o सेल्सियस तक पहुंच जाता है। प्रदेश का कम तापमान शिवपुरी में दर्ज किया जाता है। जिले में बारिश अरब सागर से होती है। यहाँ औसत बारिश 816.3 मिमी होती है। यहाँ का मौसम सर्दी में अधिक ठंडा और गर्मी में गर्म रहता है।

मिट्टियाँ एवं कृषि – शिवपुरी जिले में मिट्टियाँ एवं कृषि

मिट्टियाँ शिवपुरी जिले में कछारी मिटटी और जलोढ़ मिट्टी दोनों प्रकार की मिट्टियाँ पायी जाती है।

कृषि – जिले में सोयाबीन, चना और गेहूं की खेती मुख्य रूप से होती है। शिवपुरी जिले में लगभग 83.38% लोग खेती करते है।

पशुपालन – शिवपुरी जिले में भारतीय नस्ल के गौवंशीय पशुओं की वृद्धि के उद्देश्य से गोपाल पुरस्कार प्रतियोगिता का आयोजन जिला और विकासखंड स्तर पर किया जाता है। इस पुरस्कार के अंतर्गत सबसे अधिक दूध का उत्पादन करने वाले को 5000-25000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जाती है।

शिवपुरी जिले की प्रमुख नदियाँ

  • पार्वती नदी
  • सिंध नदी
  • कूनो नदी
  • बेतवा नदी

शिवपुरी जिले से प्रमुख नदियाँ पार्वती नदी, सिंध नदी, कूनो नदी एवं बेतवा नदी बहती है। पार्वती नदी, सिंध नदी की तथा कूनो नदी, चम्बल नदी की एक सहायक नदी है।

बेतवा नदी शिवपुरी (मध्यप्रदेश) और उत्तरप्रदेश के बीच सीमा बनाती है। रानी लक्ष्मी बाई परियोजना या भांडेर परियोजना या माता टीला बांध बेतवा नदी पर स्थित है। यह परियोजना उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश की संयुक्त परियोजना है। इससे म. प्र. के शिवपुरी, दतिया आदि जिले लाभान्वित है।

सिंचाई एवं परियोजनाएं

छोटी और वृहद सिंचाई परियोजना: शिवपुरी और दतिया जिले के लगभग 343 गाँवो की सिंचाई उर नदी से की जाती है।

यहाँ पर बेतवा और उसकी सहायक नदी पर माता टीला बांध या भांडेर परियोजना का निर्माण हुआ है। इस परियोजना से लगभग 10,400 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है।

वन एवं वन्यजीव – District SHIVPURI

शिवपुरी जिले में आरक्षित वन क्षेत्र 3433 वर्ग किमी है। यहाँ मुख्य रूप से उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन क्षेत्र पाया जाता है। इन वनों को कटीले वन भी कहते है। जिले में सामान्यत खैर, करधाई, धौ, सलाज, तेन्दु, पाल, जामुन, करील, महुआ, कोहा, साजा, सेमल और अमलताश आदि पेड़ों की प्रजातियाँ पायी जाती है।

यहाँ के पेड़ों की सामान्य ऊँचाई 15-20 मी. और परिधि 40-50 सेमी है। यहाँ पर अति घने जंगल पाए जाते है। इसलिए शिवपुरी को मिनी शिमला कहा जाता है।

राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण – शिवपुरी

  • माधव राष्ट्रीय उद्यान
  • करेरा वन्य जीव अभ्यारण

माधव राष्ट्रीय उद्यान: म. प्र. के सबसे पुराने राष्ट्रीय उद्यानों में दूसरा स्थान (पहला स्थान – कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान) रखने वाले माधव राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1958 में की गयी थी। माधव नेशनल पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग NH-3 पर स्थित है। इसका क्षेत्रफल 375.230 वर्ग किलोमीटर है।

करेरा वन्य जीव अभ्यारण: म. प्र. के शिवपुरी जिले में स्थित करेरा वन्य जीव अभ्यारण की स्थापना वर्ष 1981 में की गयी थी। इस अभ्यारण का कुल क्षेत्रफल 202.210 वर्ग किलोमीटर है।

करैरा अभ्‍यारण के काँटेदार खुले वनों में विशाल आकार के ग्रेट इण्डियन बर्डस पाये जाते है, साथ ही यहाँ मनमोहक ब्‍लैकबक भी देखे जा सकते है।

करेरा वन्य जीव अभ्यारण में मुख्य रूप से सोन चिड़िया का संरक्षण किया जाता है।

खनिज सम्पदा एवं उद्योग – शिवपुरी जिले में

  • सीसा
  • डायस्पोर

इस क्षेत्र में कुछ मात्रा में सीसा और डायस्पोर पाया जाता है।

उद्योग – शिवपुरी के जावद में 1986 में सीमेंट उद्योग की स्थापना की गयी थी। कोलारस और पोहरी में सेरीकल्चर के दो औद्योगिक केंद्र है। जिले में खैर की लड़की से कत्था बनाने का कारखाना भी है।

शिवपुरी जिले में जनजाति

शिवपुरी जिले में सर्वाधिक सहरिया जनजाति निवास करती है। सहरिया जनजाति म. प्र. की पांचवी सबसे बड़ी जनजाति है। यह शिवपुरी के अलावा मुरैना, ग्वालियर, भिंड और गुना आदि जिलों में भी निवास करती है।

जिले की बोलियां एवं मेले –

  • बुंदेली
  • सहरियाई

शिवपुरी और उसके आसपास के क्षेत्रों में बुंदेली और सहरियाई भाषा बोली जाती है।

मेला –

सिद्धेश्वर बाणगंगा मेला: – शिवपुरी शहर के पूर्व में जाधव सागर झील के निकट प्राचीन सिद्धेश्वर बाणगंगा शिव मंदिर स्थित है। सिद्धेश्वर बाणगंगा मंदिर 52 पवित्र कुंडों के लिए प्रसिद्ध है। इसी प्राचीन मंदिर के पास मेला लगता है।

पीरबुधान का मेला:शिवपुरी जिले के संवारा क्षेत्र में यह मेला अगस्‍त-सितंबर में लगता है। यह मेला लगभग 250 वर्षों से अधिक समय से मुस्लिम संत पीरबुधान की स्‍म्रति में लगता है। यही पर पीर बुधन का मकबरा भी है।

जिले के प्रमुख संग्रहालय/मुख्‍य संस्थान

जिला संग्रहालय – इसमें शहीदों के स्मृति चिन्ह एवं 12 व 13 वीं सदी के मंदिरों की प्राचीन मूर्तियाँ रखी गयी है।

यह भी जरूर देखें – म. प्र. के सभी जिलों की प्रमुख पत्र पत्रिकाएं और समाचार पत्र

शिवपुरी जिले में प्रमुख पर्यटन स्थल –

  • माधव राष्ट्रीय उद्यान
  • करेरा वन्य जीव अभ्यारण
  • नरवर का किला
  • जॉर्ज कैसल भवन
  • माधव विलास पैलेस
  • बाणगंगा धाम
  • मोहिनीश्वर धाम
  • चिंताहरण मदिर
  • शिवमंदिर (छतरी रोड)
  • जानकी मंदिर
  • लोडी माता मंदिर
  • सुरवाया गढ़ी
  • संख्‍या सागर

माधव राष्‍ट्रीय उद्यान

मध्‍यप्रदेश के शिवपुरी जिले मे स्थित यह राष्‍ट्रीय उद्यान 1958 में बनाया गया था। आगरा– बंबई मार्ग पर स्थित इस राष्‍ट्रीय उद्यान में बाघ, चीता, तेंदुआ, सांभर, चीतल, नील गाय, व जगली सूअर आदि पाए जाते है। यह राष्‍ट्रीय उद्यान ग्‍वालियर के महाराजा माधवराव प्रथम का शिकार गाह रहा है।

नरवर का किला –

शिवपुरी जिले में नरवर का किला काली सिंध नदी के पूर्व में एक पहाड़ी पर स्थित है। इसकी ऊँचाई भू-स्तर से लगभग 500 फीट है लगभग 8 वर्ग किलो मीटर में फैला है। यह किला राजा नल व दमयंती की प्रेम कथाओं से जुडा है। नरवर प्राचीन काल में राजा नल की राजधानी थी। यहीं प्रसिद्ध लोडी माता का मंदिर है।

रानीघाट –

नरवर, ग्‍वालियर मार्ग पर स्थित रानी घाट एक ऐतिहासिक स्‍थल है। मान्‍यता है कि इसी स्‍थान पर राजा नल का जन्‍म हुआ। रानी घाट पर कई एतिहासिक इमारतें और मंदिर खण्‍डर अवस्‍था में है। यहां विशाल जानकी मंदिर भी है|

SHIVPURI DISTRICT के प्रमुख अन्य तथ्य –
  • शिवपुरी में प्रादेशिक वन स्‍कूल है।
  • शिवपुरी मध्यप्रदेश के पहली पर्यटन नगरी है।
  • Shivpuri का नामकरण भगवान शिव के नाम पर माना जाता है।
  • शिवपुरी में आतंक विरोध प्रशिक्षण स्‍कूल स्थित है।
  • इस जिले में सर्वाधिक सहरिया जनजाति निवास करती है।
  • शिवपुरी में युरेनियम के भण्‍डार की संभावना है।
  • बाणगंगा, अर्जुन एवं भीष्‍म पितामह से संबधित महाभारत कालीन स्‍थल है।
  • फ्लैग स्टोन निकलता है।
  • शिवपुरी जिला राजस्‍थान और उत्तरप्रदेश से सीमा स्‍पर्श करता है।
  • तात्या टोपे का समाधि स्थल शिवपुरी जिले में है।

Read More:म. प्र. के संभाग और जिले से सम्बंधित सामान्य ज्ञान

आप इन जिलों के बारे में भी पढ़ सकते है-

मुरैनाभिण्डश्योपुरग्वालियर
दतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगर
भोपालसीहोररायसेनविदिशा
राजगढ़उज्जैनदेवासशाजापुर
आगर मालवारतलाममंदसौरनीमच
इंदौरधारझाबुआअलीराजपुर
बड़वानीखरगोनखण्डवाबुरहानपुर
सागरदमोहछतरपुरपन्ना
टीकमगढ़निमाड़ीरीवासतना
सीधीसिंगरौलीशहडोलउमरिया
अनूपपुरजबलपुरनरसिंहपुरछिंदवाड़ा
बालाघाटमण्डलाडिंडोरीसिवनी
कटनीबैतूलहरदाहोशंगाबाद

Leave a Comment

error: