उल्लेख अलंकार की परिभाषा, भेद तथा उदाहरण | Ullekh Alankar हिंदी व्याकरण

उल्लेख अलंकार की परिभाषा, प्रकार तथा उदाहरण

Ullekh Alankar Kise Kahate hai?

परिभाषा – किसी वस्तु का अनेक प्रकार से  वर्णन करना, Ullekh Alankar होता है।

Ullekh Alankar दो प्रकार के होते है –

  1. प्रथम उल्लेख
  2. द्वितीय उल्लेख

उल्लेख अलंकार के उदाहरण

उदाहरण – हरीतिमा का सुविशाल सिंधु-सा।

              मनोज्ञता की स्मरणीय भूमि-सा।

             विचित्रता का शुभ सिध्द पीठ-सा।

             प्रशांत वृन्दावन दर्शनीय था।

उदाहरण – साधुन को सुखदानि हैं दुर्जनगन दुख दानि।

               बैरिन विक्रम-हानि-प्रद राम, तिहरे पानि।

Two Type of Ullekh Alankar

  1. प्रथम उल्लेख
  2. द्वितीय उल्लेख

प्रथम उल्लेख किसे कहते है?

परिभाषा – जब एक ही वस्तु का अनेक व्यक्तियों द्वारा अनेक प्रकार से वर्णन होता है, वहाँ ‘प्रथम उल्लेख अलंकार‘ होता है।

प्रथम उल्लेख के उदाहरण
  1. उदाहरण – दीनन दयाल जान्यो, दासन कृपाल जान्यो।

               नंद निज लाल जान्यो, काल जान्यो कंस ने।

द्वितीय उल्लेख किसे कहते है?

परिभाषा – जब एक ही वस्तु का एक ही व्यक्ति द्वारा अनेक प्रकार से वर्णन किया जाता है, तब वहाँ ‘द्वितीय उल्लेख अलंकार होता है।

प्रथम उल्लेख के उदाहरण

उदाहरण – हरीतिमा का सुविशाल सिंधु-सा।

               मनोज्ञता की रमणीय भूमि सा।

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